About Me

मेंटल डिसऑर्डर ऐसे पाएं रिलीफ


मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियों कोआमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं,लेकिन कई बार यह बड़ी परेशानी का कारणभी बन सकता है।शहरी जीवन, नौकरी व एग्जाम के तनाव,पारिवारिक कलह आदि की वजह से लोग बहुत तेजी से इसकी गिरफ्त में आते जा रहे हैं। ऐसे में अगरमेंटल डिसऑर्डर से बचना चाहते हैं, तो कुछ एप्लिकेशंस और डिवाइस ट्राई कर सकते हैं।ये मेंटल हेल्थ को बेहतर करने में मददगार साबित हो सकते हैं.....
मेंटल डिसऑर्डर ऐसे पाएं  रिलीफ

मेंटल डिसऑर्डर ऐसे पाएं  रिलीफ
 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (  10 अक्टूबर) पर खास 
क्सर छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ा हो जाना, बिना वजह गुस्सा होना या रोने लगना, तेजी से गाड़ी चलाना आदि मेंटल हेल्थ ठीक न होने की एक निशानी है। आज बड़े शहरों में मेंटल हेल्थ से जुड़े मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बार वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे का फोकस 'सुसाइड प्रिवेंशन' पर है। डब्ल्यूएचओ को मुताबिक,
आज दुनिया में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति जिंदगी की जंग से हार कर सुसाइड कर ले रह है। मानसिक स्थिति ठीक हो तो ऐसी चीजों से बचा जा सकता है। आज मेंटल हेल्थ से संबंधित बहुत सारे एप्लिकेशंस और डिवाइस आ गए हैं, जो मूड को ट्रैक करने के साथ-साथ डिप्रेशन, एंग्जाइटी, स्ट्रेस आदि से निपटने में आपकी मदद कर सकते हैं।
मेडिटेशन : यह आपकी जिंदगी को खुशनुमा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अगर मेडिटेशन के लिए एप को ट्राई करना चाहते हैं, तो 'हेडस्पेस' एक ऑप्शन हो सकता है। इसका इस्तेमाल एंड्रॉयड और आइओएस दोनों ही प्लेटफॉर्म पर किया जा सकता है। यहां पर मेडिटेशन के लिए अलग-अलग उपाय बताए गए हैं। अगर - इसका फ्री वर्जन डाउनलोड करते हैं, तो इसमें आपको डेली मेडिटेशन के दिशा-निर्देश के साथ कैसे खुश रह सकते हैं, इससे जुड़े टिप्स मिलेंगे, लेकिन जब सब्सक्राइब कर लेते हैं, तो स्ट्रेस, एंग्जाइटी और फोकस से जुड़े सैकड़ों मेडिटेशंस गाइड मिलेंगे। हेडस्पेस किसी भी परिस्थिति में शांत रहने में मदद कर सकता है।

स्ट्रेस : आज की भागमभाग वाली जिंदगी में तनाव आम बात है। इससे बचना है, तो फिर 'स्टाप ब्रीद ऐंड थिंक' एप एक विकल्प हो सकता है। इसमें सांस लेने के कुछ ऐसे तरीके बताए गए हैं, जो तनाव की स्थिति में उपयोगी हो सकता है। साथ ही, यहां फीलिंग्स और इमोशंस के हिसाब से मेडिटेशन गाइड भी दिए गए हैं। प्रत्येक दिन कुछ समय यहां दिए गए गाइड के मुताबिक एक्सरसाइज करते हैं, तो तनावमुक्त रहने में मदद मिल सकती है। मेडिटेशन से पहले और बाद में अपने इमोशंस की जांच कर सकते हैं। इसे सेल्फ हीलिंग, सेल्फ मोटिवेशन, स्ट्रेस-डिप्रेशन आदि को ध्यान में रखकर डेवलप किया गया है। यह एप न सिर्फ मेडिटेशन प्रॉसेस को रिकॉर्ड करता रहेगा, बल्कि मूड के हिसाब से मेडिटेशन उपाय भी सुझाएगा। इसे एंड्रॉयड और आइओएस के लिए डाउनलोड कर सकते हैं।
माइंडफुलनेस : बहुत. सारे लोग तनाव के कारण ठीक से नींद नहीं ले पाते हैं, जिसकी वजह से उनका कार्य भी प्रभावित होने लगता है। ऐसे में यह बड्डीफाई एप आपके लिए उपयोगी हो सकता है। इसमें स्ट्रेस लेवल को कम करने के लिए 200 से अधिक तरह के मेडिटेशंस दिए गए हैं, जो स्ट्रेस को दूर करने के साथ अच्छी नींद लाने और इमोशंस को संतुलित करने में मदद करता है। अगर किसी तरह का तनाव महसूस कर रहे हैं, तो इसके लिए यहां कुछ मिनट्स के माइंडफुलनेस एक्सरसाइज भी हैं। इससे रिलैक्स रहने में मदद मिलेगी। इसे एंड्रॉयड और आइओएस डिवाइस के लिए डाउनलोड किया जा सकता है।
डिप्रेशन : यह आपकी खुशहाल जिंदगी को बर्बाद कर सकता है। इससे उबरने में एप की भी मदद ली जा सकती है। पैसिफिका एक ऐसा ही एप है, जिसे डिप्रेशन को ध्यान में रखकर ही डेवलप किया गया है। इसकी खासियत है कि इसमें आपको साइकोलॉजिस्ट द्वारा तैयार टूल्स मिलते हैं, जो डिप्रेशन व एंग्जाइटी से निजात दिलाने में उपयोगी हो सकते हैं। इसमें कॉग्निटिव बिहैवियरल थेरेपी, माइंडफुलनेस, मेडिटेशन,रिलैक्सेशन और मूड/हेल्थ ट्रैकिंग आदि जैसे फीचर्स हैं। यह नकारात्मक विचारों से उबरने में भी मदद करता है। रिलैक्सेशन के लिए इसमें ऑडियो एक्सरसाइज दिए गए हैं, जिनमें डीप ब्रीदिंग,मसल्स रिलैक्सेशन, पॉजिटिव विजुअलाइजेशन, मेडिटेशन आदि शामिल हैं। यहां पर मूड ट्रैकर एक अच्छा फीचर है, जो पूरे दिन आपकी फीलिंग्स और मूड का आकलन करता है, जिससे आपको अपने मूड को बेहतर करने में मदद मिलेगी। इसे एंड्रॉयड और आइओएस डिवाइस के लिए डाउनलोड कर सकते हैं।

एंग्जाइटी : एंग्जाइटी और स्ट्रेस रिलीफ के लिए पैनिक रिलीफ एप को ट्राई किया जा सकता है। इसे डेनमार्क के साइकियाट्रिस्ट मे रि एने बी.जिओफरोय ने डेवलप किया है। यह एंग्जाइटी को दूर करने में तत्काल मदद करता है। एनिमेशन की मदद से एंग्जाइटी और स्ट्रेस को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है, इसके बारे में इसमें अच्छी जानकारी दी गई है। इसका इस्तेमाल साइकोथेरेपी के तौर पर भी किया जा सकता है। आपको यह समझने में भी मदद करता है कि एंग्जाइटी यानी पैनिक अटैक के दौरान शरीर में किस तरह के बदलाव आते हैं। इसमें इससे रिलैक्स होने के उपाय भी बताए गए हैं, जैसे ब्रीदिंग व रिलैक्सेशन एक्सरसाइज, पॉजिटिव विजुअलाइजेशन आदि। यह एप्लिकेशन एंड्रॉयड और आइओएस के लिए उपलब्ध है।


प्रोडक्टिविटीज/हैबिट्स : फैबुलस साइंस बेस्ड एप्लिकेशन है, जो स्लीप साइकल को बेहतर करने और एंग्जाइटी से निपटने में मदद कर सकता है। इसका मकसद है आदतों को बदल कर स्वास्थ्य को बेहतर करना। इसके लिए इसमें हैबिट्स ट्रैकर का इस्तेमाल किया गया है, जो योग, मेडिटेशन, वर्कआउट आदि के लिए रिमाइंड करता है। इसमें तमाम तरह के एक्सरसाइज और मोटिवेशन टूल्स दिए गए हैं, जो आपकी डेली रूटीन को बेहतर करने में मदद करेगा। इसका इस्तेमाल एंड्रॉयड और आइफोन पर कर सकते हैं।
मूड को कर सकते हैं ट्रैक
अगर आप दुखी और परेशान महसूस करते हैं, तो फिर
मूडटूल्स : डिप्रेशन एड एप आपको इससे उबरने में मदद करेगा। इसके लिए इसमें कई रिसर्च बेस्ड टूल्स दिए गए हैं। थॉट डायरी टूल में आपकी थॉट्स और थिंकिंग पैटर्न को एनालाइज कर आपके मूड को बेहतर करने के सुझाव दिए जाते हैं। बिहैवियरल एक्टिवेशन थेरेपी में किसी एक्टिविटीज से पहले और बाद की स्थिति को परखा जाता है, वहीं सेफ्टी प्लान को सुसाइड सेफ्टी के लिहाज से डेवलप किया गया है। डिप्रेशन से ग्रस्त हैं या नहीं इसके लिए पीएचक्यू 9 टेस्ट में हिस्सा ले सकते हैं। इससे आपको इसके लक्षण का पता चल जाएगा। इसके अलावा, यहां यूटयूब वीडियोज भी दिए गए हैं।




चैटबोट करेगा आपकी मदद 
मेंटल डिसऑर्डर से उबरने के लिए चैटबोट्स की मदद भी ली जा सकती है। वोइबोट एक ऐसा ही चैटबोट है, जो दोस्ताना बातचीत के जरिए मूड को ट्रैक करता है। अलग-अलग मेंटल डिसऑर्डर के हिसाब से साइंस-बेस्ड तकनीक के बारे में गाइड करता है। वहीं व्यसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित चैटबोट है। इसमें सीबीटी, डीबीटी, योगा और मेडिटेशन आदि का इस्तेमाल किया गया है, जो स्ट्रेस, एंग्जाइटी, अनिद्रा आदि जैसे मेंटल डिसऑर्डर में उपयोगी है।


ये डिवाइस भी है काम के 
मेंटल डिसऑर्डर की स्थिति में ये डिवाइस भी आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं
फील इमोशन सेंसर
इमोशंस को समझना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है। फील एक ऐसा ही डिवाइस है, जो इमोशन को पूरे दिन ट्रैक करता है। यह डिवाइस खुशी, गुस्सा, दुख, तनाव आदि को आसानी से पहचान लेता है और इसे कंट्रोल करने का उपाय भी बताता है। यह वियरेबल डिवाइस है, जिसे रिस्टबैंड की तरह पहना जाता है। इसमें सेंसर लगे हैं। यह इलेक्ट्रोडर्मल एक्टिविटीज, ब्लड वॉल्यूम प्रेशर और स्किन टेंपरेचर के हिसाब से मूड को ट्रैक करता है। इससे इमोशन को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

लीफ अर्बन
इस उपयोगी डिवाइस को ब्रेसलेट या फिर नेकलेस के तौर पर पहना जा सकता है। यह आपकी दैनिक गतिविधियों, स्लीप पैटर्न आदि को ट्रैक करता है। इससे आपको तनाव के कारणों को रोकने में मदद मिलेगी। कई बार अच्छी नींद नहीं लेने या फिर एक्सरसाइज को बंद कर देने की वजह से भी स्ट्रेस होने लगता है। यह आपको अपनी हैबिट्स को सुधारने के लिए रिमाइंड कराता है। इसके अलावा, यह मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज के लिए गाइड भी करता है।









Post a Comment

0 Comments