Header Ads

आ रहे हैं सुपर एप्स

80 करोड़ के करीब चीनी लोग करते हैं वीचैट का इस्तेमाल|
27 करोड़ करीब फेसबुक यूजर्स है भारत में |
60  से 150 तक एप्स होते हैं औसतन स्मार्टफोन में|
2- 4  एप्स की जरूरत रह जाएगी सुपर एप्स के आने के बाद|

स्मार्टफोन यूजर के फोन में औसतन  60 से 150 तक एप्स होते हैं| लेकिन आने वाला दौर सुपर एप्स का है इनके आने के बाद आपके फोन में 60  एप्स का कार्य बस तीन से चार एप्स करेंगे| आइए जानते हैं कि आखिरकार ऐसा क्या खास है इन सुपर एप्स में और इनकी जरूरत क्यों पड़ने वाली है?
जबसे स्मार्टफोन हमारी जिंदगी में आया है तरह-तरह के एप्लीकेशंस का इस्तेमाल करना हमारी आदत या यूं कहिए की मजबूरी बन गई है|  पेमेंट करना हो तो यह एप्स, मैसेज भेजना हो तो वह ऐप्स| क्या कभी आपके मन में आया है की एप्स कब तक हमारे साथ रहेंगे और इन के बाद क्या होने वाला है?  आखिरकार टेक्नोलॉजी की रफ्तार बहुत तेज है और वह किसी एक चीज पर लंबे समय तक टिकती नहीं बल्कि आगे बढ़ जाती है| ऐप्स की अगली पीढ़ी आखिरकार कैसी होगी?

  इस सवाल का जवाब है -सुपर एप्स
क्या है यह सुपर  एप?  सुपर ऐप का मतलब ऐसे  ऐसे है जो कोई एक काम करने की बजाए सब कुछ करता है|  यह ऐसा एप्लीकेशन है | जो रोजमर्रा के ऐप्स की तुलना में ना केवल बहुत व्यापक और बढ़ा है बल्कि ज्यादा तेज तरार ज्यादा फास्ट ज्यादा स्मार्ट और ज्यादा भी है|   आश्चर्य की बात है कि यह अवधारणा हमारे पड़ोस से यानी कि चीन से लोकप्रिय हुई है| इन दिनों दुनिया में एक सुपर ऐप के खूब चर्चे हैं| जिसका नाम है वीचैट यह एक चीनी सुपर ऐप है जिसका नाम सुनने में तो ऐसा लगता है जैसे यह व्हाट्सएप जैसा मैसेजिंग एप होगा | लेकिन हकीकत में यह सिर्फ मैसेजिंग तक सीमित नहीं है सुपर एप वीचैट मैसेजिंग के अलावा इतना कुछ करता है कि इसके चीनी यूजेस दिन में कम से कम 10 बार इस पर लौटते हैं सुबह से शाम तक वह इस चैट पर जमे रहते हैं और लोकप्रियता का आलम यह है कि 80 करोड़ चीनी लोग इसे इस्तेमाल करते हैं जी हां 80 करोड़ वीचैट को 2011 में चीनी इंटरनेट कंपनी टेंट ने लांच किया था|

हर चीज है यहां वीचैट में आम यूजर की जरूरत की हर चीज है | आज हमें जिन कामों के लिए दर्जनों एप्स का इस्तेमाल करना पड़ता है| वह सभी सुविधाएं अकेले इस ऐप में मौजूद है|  जैसे व्हाट्सएप की तरह इंस्टेंट मैसेजिंग फेसबुक की तरह जीवन की घटनाओं को दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ साझा करने की सुविधा, रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर करने का फीचर, टैक्सी बुक करने की व्यवस्था, गूगल मैप्स की तरह सड़कों के नेविगेशन की सुविधा ,साथ भोजन किया हो तो मिल बांट कर भुगतान करने की सुविधा, सिनेमा के टिकट बुक करने की सुविधा और ई-कॉमर्स के जरिए सामान खरीदने की सुविधा चाहे तो  इसी के जरिए पेटीएम की तरह भुगतान कर सकते हैं चाहे तो क्लिपबोर्ड या डेलीहंट की तरह ताजा तरीन खबरें और आर्टिकल भी पढ़ लीजिए यूजर को कोई दूसरा ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत शायद ही पढ़ती हो पहले पश्चिमी देशों में इस ऐप को बहुत हल्के में लिया गया लेकिन अब इन्होंने भी इसका लोहा मान लिया है क्योंकि यह सुविधाजनक होने के साथ-साथ बहुत ज्यादा प्रॉफिटेबल भी है|
क्या आप मानेंगे कि इस ऐप की  सालाना आमदनी 2018 में एक1 . 2  अरब डॉलर यानी 80 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा है इसकी वैल्यू करीब 80 अरब डॉलर आंकी गई है तो यह नए जमाने का ऐप यानी सुपर ऐप क्या आपको नहीं लगता कि आज के दौर में ऐसे एप्स की जरूरत बहुत ज्यादा बढ़ गई है ज्यादा एप्स यानी ज्यादा झंझट इतने सारे ऐप्स ना सिर्फ आपके ऊपर इंफॉर्मेशन की बमबारी करते रहते हैं|  बल्कि उन सब को बार बार देखना अपडेट करना अपनी प्राइवेसी को बचाना,मोबाइल को सुरक्षित रखना कई एप्स को खरीदना विज्ञापनों की भरमार से गुजर ना सबके पासवर्ड याद रखना आदि दर्जनों झंझट है| जो हर एक ऐप आपके लिए लेकर आता है| इसके अलावा उन सब पर खर्च होने वाली बैटरी और उन पर बिता आज आने वाला समय भी तो आपके ही खाते से जाता है| इन सब को देखते हुए सुपर एप्स के लिए गुंजाइश तो अच्छी खासी है | आने वाले दिनों में शायद यही होगा कि आपके मोबाइल में महेश दो या चार एप्स होंगे और उन्हीं के भीतर सारी सुविधाएं मौजूद होंगी कंट्रोल भी रहेगा प्राइवेसी भी सिक्योरिटी भी और सुविधा भी….


और भी हैं सुपर एप वीचैट ऐसा अकेला ऐप नहीं है|  अपने आसपास देखिए तो हम सुपर एप्स की तरफ ही बढ़ रहे हैं व्हाट्सएप ने भुगतान की सुविधा भी शुरू कर दी है एक मैसेंजर एप्लीकेशन अब पेमेंट एप का काम भी करने लगा है | उधर फेसबुक मैसेंजर भी सुपर एप बनए की दिशा में बढ़ रहा है | उसने पिछले अप्रैल में कंपनियों से कहा था कि वह चाहे तो इसके लिए अपने वोट बना सकते हैं वोट्स का मतलब ऐसे रोबोटिक ऑब्जेक्ट्स से है जो मैसेंजर पर आपके संदेशों के खुद ही जवाब देने में सक्षम है अब मैसेंजर के जरिए आप इंटरनेट पर खरीदारी भी कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं क्योंकि यह फेसबुक से जुड़ा हुआ है तो इसका मतलब यह हुआ कि अगर फेसबुक मार्केटप्लेस पर आप कोई विज्ञापन देखते हैं तो उसके साथ लगे बॉय बटन पर क्लिक कीजिए जो आपको मैसेंजर में ले जाएगा| अब मैसेंजर में ही वह प्रोडक्ट खरीद लीजिए बिना फेसबुक से दूर गए हालांकि भुगतान की सुविधा फिलहाल अमेरिका में ही उपलब्ध है|
तो यह है नए जमाने के ऐप्स की एक झलक भारत में भी फोन पर जैसे एप्स का इरादा है कि वह सुपर-8 में तब्दील हो जाए आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में काफी कंपटीशन दिखाई देने वाला है आप तैयार है ना

No comments:

Powered by Blogger.